vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
»
श्लोक 152
श्लोक
1.2.152
परिदेवनं च पाञ्चाल्या वासुदेवस्य संनिधौ।
आश्वासनं च कृष्णेन दु:खार्ताया: प्रकीर्तितम्॥ १५२॥
अनुवाद
द्रौपदी श्री कृष्ण के सामने बहुत रोईं। श्री कृष्ण ने दुखी द्रौपदी को सांत्वना दी। यह पूरी कथा वन पर्व में है। 152.
Draupadi cried a lot in front of Shri Krishna. Shri Krishna consoled the sad Draupadi. This entire story is in Vana Parva. 152.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas