श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 150
 
 
श्लोक  1.2.150 
किर्मीरस्य वधश्चात्र भीमसेनेन संयुगे।
वृष्णीनामागमश्चात्र पञ्चालानां च सर्वश:॥ १५०॥
 
 
अनुवाद
इस पर्व में कथा है कि भीमसेन ने युद्ध में किर्मीर को मार डाला। वृष्णिवंशी और पांचाल पाण्डवों के पास आये। पाण्डवों ने उन सबसे बातचीत की॥150॥
 
In this festival, there is a story that Bhimasena killed Kirmir in the war. Vrishnivanshis and Panchalas came to the Pandavas. The Pandavas talked to all of them.॥ 150॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)