Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.2.148: दुर्योधन की इस कुचेष्टा को जानकर महर्षि व्यास शीघ्र ही वहाँ पहुँचे और उन्होंने दुर्योधन की यात्रा पर रोक लगा दी। इस संदर्भ में सुरभिका की एक कथा भी प्रचलित है।148.   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 148
 
 
श्लोक  1.2.148 
तं दुष्टभावं विज्ञाय व्यासस्यागमनं द्रुतम्।
निर्याणप्रतिषेधश्च सुरभ्याख्यानमेव च॥ १४८॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन की इस कुचेष्टा को जानकर महर्षि व्यास शीघ्र ही वहाँ पहुँचे और उन्होंने दुर्योधन की यात्रा पर रोक लगा दी। इस संदर्भ में सुरभिका की एक कथा भी प्रचलित है।148.
 
Knowing this evil intention of Duryodhan, Maharishi Vyas reached there quickly and he prohibited Duryodhan's journey. There is also a story of Surabhika in this context. 148.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)