श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  1.2.140 
जित्वा स वनवासाय प्रेषयामास तांस्तत:।
एतत् सर्वं सभापर्व समाख्यातं महात्मना॥ १४०॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने उन्हें जुए में हराकर वनवास भेज दिया। महर्षि व्यास ने सभा पर्व 140 में यही कथा कही है।
 
Duryodhan defeated them in gambling and sent them into exile. Maharishi Vyasa has narrated the same story in Sabha Parva. 140.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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