श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  1.2.131 
अष्टौ श्लोकसहस्राणि अष्टौ श्लोकशतानि च।
श्लोकाश्च चतुराशीतिर्मुनिनोक्ता महात्मना॥ १३१॥
 
 
अनुवाद
महात्मा व्यास मुनि ने इन दो सौ सत्ताईस (227) अध्यायों में आठ हजार आठ सौ चौरासी (8,884) श्लोक कहे हैं।131.
 
Mahatma Vyas Muni has said eight thousand eight hundred and eighty four (8,884) verses in these two hundred and twenty seven (227) chapters. 131.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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