श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.2.13 
अन्तरे चैव सम्प्राप्ते कलिद्वापरयोरभूत्।
समन्तपञ्चके युद्धं कुरुपाण्डवसेनयो:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जब कलियुग और द्वापर युग के बीच का संक्रमण काल ​​आया, तब उसी समन्तपंचक क्षेत्र में कौरवों और पाण्डवों की सेनाओं के बीच भयंकर युद्ध हुआ ॥13॥
 
When the time of the transition between Kaliyuga and Dwapara Yuga came, a fierce battle took place in the same Samanta-pancaka area between the armies of the Kauravas and the Pandavas. ॥13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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