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mahabharat 1.2.129: इसके बाद महर्षि मण्डपाल द्वारा शार्ंघी पक्षी के गर्भ से पुत्र उत्पन्न करने की कथा है। इस प्रकार इस अत्यन्त विस्तृत आदिपर्व का प्रथम निरूपण किया गया है। 129॥   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 129
 
 
श्लोक  1.2.129 
महर्षेर्मन्दपालस्य शार्ङ्गॺां तनयसम्भव:।
इत्येतदादिपर्वोक्तं प्रथमं बहुविस्तरम्॥ १२९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद महर्षि मण्डपाल द्वारा शार्ंघी पक्षी के गर्भ से पुत्र उत्पन्न करने की कथा है। इस प्रकार इस अत्यन्त विस्तृत आदिपर्व का प्रथम निरूपण किया गया है। 129॥
 
After this, there is the story of Maharishi Mandapala giving birth to a son from the womb of Sharnghi bird. In this way, the first representation of this very detailed Adi Parva has been made. 129॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)