गृहीत्वा हरणं प्राप्ते कृष्णे देवकिनन्दने।
अभिमन्यो: सुभद्रायां जन्म चोत्तमतेजस:॥ १२६॥
अनुवाद
तत्पश्चात देवकीनन्दन भगवान श्रीकृष्ण का दहेज लेकर पाण्डवों के पास पहुँचने तथा सुभद्रा के गर्भ से परम तेजस्वी वीर बालक अभिमन्यु के जन्म की कथा है ॥126॥
Thereafter, Devkinandan is the story of Lord Krishna reaching the Pandavas with dowry and the birth of the most brilliant brave child Abhimanyu from the womb of Subhadra. 126॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥