श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.2.12 
येन लिङ्गेन यो देशो युक्त: समुपलक्ष्यते।
तेनैव नाम्ना तं देशं वाच्यमाहुर्मनीषिण:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
विद्वानों का कहना है कि किसी देश का नाम उस प्रतीक के नाम पर होना चाहिए जिससे उसकी पहचान होती है और उन लोगों के नाम पर होना चाहिए जो उसकी पहचान करते हैं ॥12॥
 
Scholars say that a country should be named after the symbol that identifies it and the people who identify it. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)