श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  1.2.119 
खाण्डवप्रस्थवासश्च तथा राज्यार्धसर्जनम्।
नारदस्याज्ञया चैव द्रौपद्या: समयक्रिया॥ ११९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद धृतराष्ट्र द्वारा पाण्डवों को आधा राज्य देना, पाण्डवों का इन्द्रप्रस्थ में निवास करना तथा नारदजी की अनुमति से द्रौपदी के आने का समय निश्चित करना आदि का वर्णन है ॥119॥
 
After this, there is a description of Dhritarashtra giving half the kingdom to the Pandavas, Pandavas residing in Indraprastha and scheduling time for Draupadi's visit with the permission of Naradji, etc. 119॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)