श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 118
 
 
श्लोक  1.2.118 
क्षत्तुश्च धृतराष्ट्रेण प्रेषणं पाण्डवान् प्रति।
विदुरस्य च सम्प्राप्तिर्दर्शनं केशवस्य च॥ ११८॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद धृतराष्ट्र ने विदुरजी को पांडवों के पास भेजा। विदुरजी ने पांडवों से मुलाकात की और भगवान कृष्ण के दर्शन किये। ॥ 118॥
 
After this Dhritarashtra sent Vidurji to the Pandavas. Vidurji met the Pandavas and saw Lord Krishna. ॥ 118॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)