Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.115-116: जब महामति बलराम और भगवान श्रीकृष्ण ने भीमसेन और अर्जुन के असीम एवं अलौकिक बल और वीर्य को देखा, तो उन्हें संदेह हुआ कि क्या ये पाण्डव हैं। तब वे दोनों कुम्हार के घर उससे मिलने आए। इसके बाद द्रुपद ने इस विषय पर विचार किया कि 'पाँचों पाण्डवों की एक ही पत्नी कैसे हो सकती है?' ॥115-116॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महामति बलराम और भगवान श्रीकृष्ण ने भीमसेन और अर्जुन के असीम एवं अलौकिक बल और वीर्य को देखा, तो उन्हें संदेह हुआ कि क्या ये पाण्डव हैं। तब वे दोनों कुम्हार के घर उससे मिलने आए। इसके बाद द्रुपद ने इस विषय पर विचार किया कि 'पाँचों पाण्डवों की एक ही पत्नी कैसे हो सकती है?' ॥115-116॥
When Mahamati Balram and Lord Shri Krishna saw the infinite and superhuman strength and semen of Bhimsen and Arjun, they doubted whether they were Pandavas. Then both of them came to the potter's house to meet him. After this, Drupada discussed about 'how can all five Pandavas have only one wife'. 115-116॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥