श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.2.11 
तेषां समीपे यो देशो ह्रदानां रुधिराम्भसाम्।
समन्तपञ्चकमिति पुण्यं तत् परिकीर्तितम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उन रक्त से भरे सरोवरों के निकट का क्षेत्र समन्तपंचक कहलाता है। यह क्षेत्र अत्यंत पवित्र है ॥11॥
 
The region near those blood-filled lakes is called Samanta-pancaka. This region is very sacred. ॥11॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd