Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d7: जब तक वृष्णि वंश के श्रेष्ठ योद्धाओं को यह पता न चल जाए कि पाण्डव जीवित हैं, जब तक नरसिंह चेदिराज और पराक्रमी शिशुपाल भी इस तथ्य से अनभिज्ञ न हो जाए, तब तक पाण्डवों का वध कर दिया जाए। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यावदेतान् न जानन्ति जीवतो वृष्णिपुङ्गवा:।
चैद्यश्च पुरुषव्याघ्र: शिशुपाल: प्रतापवान्॥
अनुवाद
जब तक वृष्णि वंश के श्रेष्ठ योद्धाओं को यह पता न चल जाए कि पाण्डव जीवित हैं, जब तक नरसिंह चेदिराज और पराक्रमी शिशुपाल भी इस तथ्य से अनभिज्ञ न हो जाए, तब तक पाण्डवों का वध कर दिया जाए।
Till the best warriors of the Vrishni clan do not know that the Pandavas are alive, till the man-lion Chedi king and mighty Shishupal is also unaware of this fact, till then the Pandavas should be killed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥