Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.199.d5: पांडवों का समूल नाश करने का यही सही समय और स्थान है। यदि तुम लोग ऐसा नहीं करोगे तो संसार में उपहास का पात्र बनोगे।   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  1.199.d5 
अयं देशश्च कालश्च पाण्डवोद्धरणाय न:।
न चेदेवं करिष्यध्वं लोके हास्या भविष्यथ॥
 
 
अनुवाद
पांडवों का समूल नाश करने का यही सही समय और स्थान है। यदि तुम लोग ऐसा नहीं करोगे तो संसार में उपहास का पात्र बनोगे।
 
This is the right time and place to destroy the Pandavas completely. If you people do not do this, you will become a laughing stock in the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)