Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d4: यदि इस प्रकार पराजित होकर तुम सब लोग (पाण्डवों के विनाश के लिए) कोई योजना निश्चित किए बिना ही चले जाओगे, तो यह भूल निश्चय ही तुम सबको चिरकाल तक पीड़ा देती रहेगी। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं पराजिता: सर्वे यदि यूयं गमिष्यथ।
अकृत्वा संविदं कांचित् तद् वस्तप्स्यत्यसंशयम्॥
अनुवाद
यदि इस प्रकार पराजित होकर तुम सब लोग (पाण्डवों के विनाश के लिए) कोई योजना निश्चित किए बिना ही चले जाओगे, तो यह भूल निश्चय ही तुम सबको चिरकाल तक पीड़ा देती रहेगी।
If, being defeated in this manner, you all go away without deciding on a plan (for the destruction of the Pandavas), then this mistake will certainly continue to torment you all forever.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥