Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d35-d36: अतः हमें धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन को पांडवों से संधि कराकर अपने राज्य में वापस लौटना चाहिए। यदि आप सभी को मेरे वचनों पर विश्वास है और मेरी राय सभी को उचित लगती है, तो आप सभी को उस पर अमल करना चाहिए। यही हमारा सर्वोत्तम कर्तव्य है और मैं इसे राजाओं के लिए हितकर मानता हूँ। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः हमें धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन को पांडवों से संधि कराकर अपने राज्य में वापस लौटना चाहिए। यदि आप सभी को मेरे वचनों पर विश्वास है और मेरी राय सभी को उचित लगती है, तो आप सभी को उस पर अमल करना चाहिए। यही हमारा सर्वोत्तम कर्तव्य है और मैं इसे राजाओं के लिए हितकर मानता हूँ।
Therefore, we should make Dhritarashtra's son Duryodhan enter into a treaty with the Pandavas and then return to our kingdom. If you all have faith in my words and my opinion seems right to all, then you all should implement it. This is our best duty and I consider this to be beneficial for kings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥