Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d27: यदि आप सब लोग मेरी बातों को हितकर समझें, यदि आपकी राय मेरे मत के अनुरूप हो, तो हमें पाण्डवों से मेल कर लेना चाहिए और जिस मार्ग से आये हैं, उसी मार्ग से लौट जाना चाहिए। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रेयश्च यदि मन्यध्वं मन्मतं यदि वो मतम्।
संविदं पाण्डवै: सार्धं कृत्वा याम यथागतम्॥
अनुवाद
यदि आप सब लोग मेरी बातों को हितकर समझें, यदि आपकी राय मेरे मत के अनुरूप हो, तो हमें पाण्डवों से मेल कर लेना चाहिए और जिस मार्ग से आये हैं, उसी मार्ग से लौट जाना चाहिए।
If you all consider my words beneficial, if your opinion is in accordance with mine, then we should reconcile with the Pandavas and return the same way we came.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥