श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक d26
 
 
श्लोक  1.199.d26 
अशक्यान् पाण्डवान् मन्ये देवैरपि सवासवै:।
येषामर्थे सदा युक्तौ कृष्णसंकर्षणावुभौ॥
 
 
अनुवाद
मेरा मानना ​​है कि इन्द्र जैसे देवता भी पाण्डवों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते, क्योंकि उनकी सहायता के लिए कृष्ण और बलराम दोनों सदैव तत्पर रहते हैं।
 
I believe that even gods like Indra cannot do any harm to the Pandavas, for whose help both Krishna and Balarama are always ready.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)