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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक d22
 
 
श्लोक  1.199.d22 
प्रभावशक्तिर्विपुला मन्त्रशक्तिश्च पुष्कला।
तथैवोत्साहशक्तिश्च पार्थेष्वभ्यधिका सदा॥
 
 
अनुवाद
उनकी प्रभाव शक्ति बहुत अधिक है, उनकी मंत्र शक्ति प्रचुर है और उनकी उत्साह शक्ति भी सभी पांडवों में सबसे अधिक है।
 
His power of influence is enormous, his power of mantras is abundant and his power of enthusiasm is also the highest amongst all the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)