Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d2: जनमेजय! उधर, स्वयंवर समाप्त होने के बाद, कर्ण और शकुनि द्वारा बिगाड़े गए धृतराष्ट्र के सभी पुत्र इस विषय पर चर्चा करने लगे। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय! उधर, स्वयंवर समाप्त होने के बाद, कर्ण और शकुनि द्वारा बिगाड़े गए धृतराष्ट्र के सभी पुत्र इस विषय पर चर्चा करने लगे।
Janamejaya! On the other hand, after the swayamvar was over, all the sons of Dhritarashtra, who had been spoilt by Karna and Shakuni, began to discuss this matter.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥