Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d12-d13: जब तक हलधारी बलरामजी द्वारा संचालित बलवान योद्धाओं की सेनाएँ टिड्डियों की तरह कौरव सेना पर आक्रमण न करें, तब तक हम सब मिलकर इस नगर पर आक्रमण करके इसे नष्ट कर दें। हे वीरपुरुष! इस अवसर पर मैं यही सर्वोत्तम कर्तव्य समझता हूँ! | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब तक हलधारी बलरामजी द्वारा संचालित बलवान योद्धाओं की सेनाएँ टिड्डियों की तरह कौरव सेना पर आक्रमण न करें, तब तक हम सब मिलकर इस नगर पर आक्रमण करके इसे नष्ट कर दें। हे वीरपुरुष! इस अवसर पर मैं यही सर्वोत्तम कर्तव्य समझता हूँ!
Unless the armies of the strong warriors, driven by the plough-wielding Balarama, come and attack the Kaurava army like locusts, we should all attack together and destroy this city. O bravest of men! I consider this to be the best duty on this occasion!
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥