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mahabharat 1.199.d11: यदि वृष्णि और चेदि कुल के वे वीर योद्धा यहां आ जाएं और यहां के नागरिक भी हाथ में अस्त्र-शस्त्र लेकर खड़े हो जाएं, तो उनके बीच में खड़ा होना उतना ही कठिन हो जाएगा, जितना कि दो विशाल मेढ़ों के बीच में खड़े होकर आपस में युद्ध करना।   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक d11
 
 
श्लोक  1.199.d11 
तेषामिहोपयातानामेषां च पुरवासिनाम्।
अन्तरे दुष्करं स्थातुं मेषयोर्महतोरिव॥
 
 
अनुवाद
यदि वृष्णि और चेदि कुल के वे वीर योद्धा यहां आ जाएं और यहां के नागरिक भी हाथ में अस्त्र-शस्त्र लेकर खड़े हो जाएं, तो उनके बीच में खड़ा होना उतना ही कठिन हो जाएगा, जितना कि दो विशाल मेढ़ों के बीच में खड़े होकर आपस में युद्ध करना।
 
If those brave warriors of Vrishni and Chedi clan come here and the citizens of this place also stand up with arms and weapons in their hands, then standing in their midst will be as difficult as standing between two huge rams fighting with each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)