Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.d10: वह तो पहले ही विषैले साँप के मुँह जैसे भयानक लाक्षागृह से बचकर निकल चुका है। अगर वह फिर हमारे हाथ से निकल गया, तो हम उससे बहुत डर जाएँगे। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह तो पहले ही विषैले साँप के मुँह जैसे भयानक लाक्षागृह से बचकर निकल चुका है। अगर वह फिर हमारे हाथ से निकल गया, तो हम उससे बहुत डर जाएँगे।
He has already escaped from the dreadful Lakhshagriha which resembles the mouth of a poisonous snake. If he escapes from our hands again, we may get very scared from him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥