Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.199.8: स्वयंवर समाप्त होने के बाद जब यह ज्ञात हुआ कि द्रौपदी ने पांडवों को चुना है, तो सभी राजा उसी प्रकार अपने देशों को लौट गए जिस प्रकार वे आए थे।   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.199.8 
वृत्ते स्वयंवरे चैव राजान: सर्व एव ते।
यथागतं विप्रजग्मुर्विदित्वा पाण्डवान् वृतान्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
स्वयंवर समाप्त होने के बाद जब यह ज्ञात हुआ कि द्रौपदी ने पांडवों को चुना है, तो सभी राजा उसी प्रकार अपने देशों को लौट गए जिस प्रकार वे आए थे।
 
After the swayamvara was over, when it became known that Draupadi had chosen the Pandavas, all the kings returned to their countries in the same manner in which they had come.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)