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mahabharat 1.199.6: उन्होंने पहले ही सुना था कि कुंती अपने पुत्रों सहित लाक्षागृह में भस्म हो गई थी। अब यह सुनकर कि वे जीवित हैं, राजाओं को विश्वास हो गया कि पांडवों का पुनर्जन्म हो गया है।   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.199.6 
सपुत्रा हि पुरा कुन्ती दग्धा जतुगृहे श्रुता।
पुनर्जातानिव च तांस्तेऽमन्यन्त नराधिपा:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने पहले ही सुना था कि कुंती अपने पुत्रों सहित लाक्षागृह में भस्म हो गई थी। अब यह सुनकर कि वे जीवित हैं, राजाओं को विश्वास हो गया कि पांडवों का पुनर्जन्म हो गया है।
 
They had heard earlier that Kunti along with her sons had been burnt in the Lakhshagriha. Now on hearing that they were alive, the kings began to believe that the Pandavas had been reborn.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)