Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.30: हे निष्पाप राजन! हमें कुछ और करना चाहिए, परन्तु आप कुछ और ही करते हैं। हे प्रिय! हमारे लिए यही श्रेयस्कर है कि हम सदैव पाण्डवों की शक्ति का नाश करते रहें। 30। | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे निष्पाप राजन! हमें कुछ और करना चाहिए, परन्तु आप कुछ और ही करते हैं। हे प्रिय! हमारे लिए यही श्रेयस्कर है कि हम सदैव पाण्डवों की शक्ति का नाश करते रहें। 30।
O sinless king! We should do something else, but you do something else. O dear! It is best for us to always keep destroying the power of the Pandavas. 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥