vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा
»
श्लोक 22
श्लोक
1.199.22
तेषां सम्बन्धिनश्चान्यान् बहून् बलसमन्वितान्।
समागतान् पाण्डवेयैस्तस्मिन्नेव स्वयंवरे॥ २२॥
अनुवाद
उसी स्वयंवर में उनके अन्य अनेक सम्बन्धी भी, जो विशाल सैन्यबल से युक्त थे, पाण्डवों से प्रेमपूर्वक मिले ॥22॥
In the same swayamvara many of his other relatives, endowed with a large military force, also met the Pandavas lovingly. ॥22॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas