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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.199.20 
अथ त्वाज्ञापयामास द्रौपद्या भूषणं बहु।
आनीयतां वै कृष्णेति पुत्रं दुर्योधनं तदा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इसलिए उन्होंने आदेश दिया, 'द्रौपदी के लिए बहुत सारे आभूषण लाओ और मेरे पुत्र दुर्योधन तथा द्रौपदी को बड़ी धूमधाम से नगर में लाओ।'
 
Therefore, he ordered, 'Get lots of ornaments for Draupadi and bring my son Duryodhana and Draupadi to the city with great pomp and show.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)