Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.199.2: उस धनुष से लक्ष्य पर प्रहार करने वाला महापुरुष स्वयं अर्जुन था, जो विजयी योद्धाओं में श्रेष्ठ था और जिसने महान धनुष-बाण धारण किया था॥2॥   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.199.2 
येन तद् धनुरादाय लक्ष्यं विद्धं महात्मना।
सोऽर्जुनो जयतां श्रेष्ठो महाबाणधनुर्धर:॥ २॥
 
 
अनुवाद
उस धनुष से लक्ष्य पर प्रहार करने वाला महापुरुष स्वयं अर्जुन था, जो विजयी योद्धाओं में श्रेष्ठ था और जिसने महान धनुष-बाण धारण किया था॥2॥
 
The great man who hit the target with that bow was Arjun himself, the best among the victorious warriors and the one who wielded the great bow and arrows. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)