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mahabharat 1.199.19: उस अंधे राजा ने अज्ञानतावश सोचा कि द्रुपद की पुत्री ने मेरे ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन को चुन लिया है।   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.199.19 
मन्यते स वृतं पुत्रं ज्येष्ठं द्रुपदकन्यया।
दुर्योधनमविज्ञानात् प्रज्ञाचक्षुर्नरेश्वर:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उस अंधे राजा ने अज्ञानतावश सोचा कि द्रुपद की पुत्री ने मेरे ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन को चुन लिया है।
 
That blind king, out of ignorance, thought that Drupada's daughter had chosen my eldest son, Duryodhana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)