Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.199.18: भरत! विदुर के ये वचन सुनकर विचित्रवीर्य के पुत्र राजा धृतराष्ट्र अत्यन्त प्रसन्न हुए और सहसा बोले - 'कैसा सौभाग्य है, कैसा सौभाग्य है!'॥18॥ | mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! विदुर के ये वचन सुनकर विचित्रवीर्य के पुत्र राजा धृतराष्ट्र अत्यन्त प्रसन्न हुए और सहसा बोले - 'कैसा सौभाग्य है, कैसा सौभाग्य है!'॥18॥
Bharata! On hearing these words of Vidura, King Dhritarashtra, the son of Vichitravirya, became very happy and suddenly said - 'What a good fortune, what a good fortune!'॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥