भरत! विदुर के ये वचन सुनकर विचित्रवीर्य के पुत्र राजा धृतराष्ट्र अत्यन्त प्रसन्न हुए और सहसा बोले - 'कैसा सौभाग्य है, कैसा सौभाग्य है!'॥18॥
Bharata! On hearing these words of Vidura, King Dhritarashtra, the son of Vichitravirya, became very happy and suddenly said - 'What a good fortune, what a good fortune!'॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥