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mahabharat 1.199.13: इस प्रकार आपस में बातें करते और पुरोचन को कोसते हुए सब कौरव दुःखी होकर हस्तिनापुर पहुँचे। पाण्डवों की सफलता देखकर उनके मन में चिन्ता उत्पन्न हो गई॥13॥   |   mahabharat अध्याय 1.199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 199: पाण्डवोंके विवाहसे दुर्योधन आदिकी चिन्ता, धृतराष्ट्रका पाण्डवोंके प्रति प्रेमका दिखावा और दुर्योधनकी कुमन्त्रणा  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.199.13 
एवं सम्भाषमाणास्ते निन्दन्तश्च पुरोचनम्।
विविशुर्हास्तिनपुरं दीना विगतचेतस:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार आपस में बातें करते और पुरोचन को कोसते हुए सब कौरव दुःखी होकर हस्तिनापुर पहुँचे। पाण्डवों की सफलता देखकर उनके मन में चिन्ता उत्पन्न हो गई॥13॥
 
Talking to each other in this manner and cursing Purochana, all the Kauravas reached Hastinapur in a sad mood. Seeing the success of the Pandavas, their minds were in a trance. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)