एवं सम्भाषमाणास्ते निन्दन्तश्च पुरोचनम्।
विविशुर्हास्तिनपुरं दीना विगतचेतस:॥ १३॥
अनुवाद
इस प्रकार आपस में बातें करते और पुरोचन को कोसते हुए सब कौरव दुःखी होकर हस्तिनापुर पहुँचे। पाण्डवों की सफलता देखकर उनके मन में चिन्ता उत्पन्न हो गई॥13॥
Talking to each other in this manner and cursing Purochana, all the Kauravas reached Hastinapur in a sad mood. Seeing the success of the Pandavas, their minds were in a trance. ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥