Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.198.7: भद्रा! तुम अनंत सुखों से युक्त रहो, दीर्घायु रहो और वीर पुत्रों की माता बनो। तुम सौभाग्यशाली हो, भौतिक वस्तुओं से संपन्न हो, अपने पति के साथ यज्ञों में बैठो और पतिव्रता रहो।   |   mahabharat अध्याय 1.198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.198.7 
जीवसूर्वीरसूर्भद्रे बहुसौख्यसमन्विता।
सुभगा भोगसम्पन्ना यज्ञपत्नी पतिव्रता॥ ७॥
 
 
अनुवाद
भद्रा! तुम अनंत सुखों से युक्त रहो, दीर्घायु रहो और वीर पुत्रों की माता बनो। तुम सौभाग्यशाली हो, भौतिक वस्तुओं से संपन्न हो, अपने पति के साथ यज्ञों में बैठो और पतिव्रता रहो।
 
‘Bhadra! May you be blessed with infinite happiness, live long and become the mother of valiant sons. May you be fortunate, blessed with material things, sit with your husband in yagnas and be faithful to your husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)