Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.198.11: 'कल्याणकारी एवं गुणवती पुत्रवधू! तुम्हें पृथ्वी के सभी बहुमूल्य रत्न प्राप्त हों और तुम सौ वर्षों तक सुखी रहो। 11॥   |   mahabharat अध्याय 1.198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.198.11 
पृथिव्यां यानि रत्नानि गुणवन्ति गुणान्विते।
तान्याप्नुहि त्वं कल्याणि सुखिनी शरदां शतम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'कल्याणकारी एवं गुणवती पुत्रवधू! तुम्हें पृथ्वी के सभी बहुमूल्य रत्न प्राप्त हों और तुम सौ वर्षों तक सुखी रहो। 11॥
 
'Well-being and virtuous daughter-in-law! May you receive all the valuable gems on earth and may you remain happy for a hundred years. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)