Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.197.6: व्यासजी की यह आज्ञा सुनकर राजा द्रुपद ने अपने पुत्रों के साथ वर-वधू के लिए बताई गई सभी उत्तम वस्तुएं मंगवाईं। अपनी पुत्री कृष्णा को स्नान कराकर उन्होंने उसे अनेक बहुमूल्य रत्नजटित आभूषणों से विभूषित किया। | mahabharat अध्याय 1.197: द्रौपदीका पाँचों पाण्डवोंके साथ विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो राजा यज्ञसेन: सपुत्रो
जन्यार्थमुक्तं बहु तत् तदग्रॺम्।
समानयामास सुतां च कृष्णा-
माप्लाव्य रत्नैर्बहुभिर्विभूष्य॥ ६॥
अनुवाद
व्यासजी की यह आज्ञा सुनकर राजा द्रुपद ने अपने पुत्रों के साथ वर-वधू के लिए बताई गई सभी उत्तम वस्तुएं मंगवाईं। अपनी पुत्री कृष्णा को स्नान कराकर उन्होंने उसे अनेक बहुमूल्य रत्नजटित आभूषणों से विभूषित किया।
On hearing this order from Vyasa, King Drupada along with his sons ordered for all the best things mentioned for the bride and groom. After bathing his daughter Krishna, he adorned her with many precious jeweled ornaments.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥