Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.197.3: पूर्वजन्म में श्रीकृष्ण ने भगवान शंकर से अनेक बार कहा था, ‘प्रभु! मुझे पति दीजिए।’ उनकी इच्छानुसार भगवान शंकर ने उन्हें वही वर दिया। अतः इसमें कौन-सा महान रहस्य छिपा है, यह तो भगवान ही जानते हैं॥ 3॥ | mahabharat अध्याय 1.197: द्रौपदीका पाँचों पाण्डवोंके साथ विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथैव कृष्णोक्तवती पुरस्ता-
न्नैकं पतिं मे भगवान् ददातु।
स चाप्येवं वरमित्यब्रवीत् तां
देवो हि वेत्ता परमं यदत्र॥ ३॥
अनुवाद
पूर्वजन्म में श्रीकृष्ण ने भगवान शंकर से अनेक बार कहा था, ‘प्रभु! मुझे पति दीजिए।’ उनकी इच्छानुसार भगवान शंकर ने उन्हें वही वर दिया। अतः इसमें कौन-सा महान रहस्य छिपा है, यह तो भगवान ही जानते हैं॥ 3॥
In her previous birth, Krishna had said to Lord Shankar many times, 'Prabhu! Give me a husband.' As per her wish, Lord Shankar granted her the same boon. Therefore, what great secret is hidden in this, only the Lord knows.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥