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mahabharat 1.197.17: इस प्रकार अग्नि को साक्षी मानकर सोमकवंश में उत्पन्न हुए कुलीन आत्मा राजा द्रुपद ने सुन्दर रूप वाले पाण्डवों को प्रचुर धन तथा शक्तिसूचक बहुमूल्य वस्त्र और आभूषण अलग-अलग प्रदान किए॥ 17॥   |   mahabharat अध्याय 1.197: द्रौपदीका पाँचों पाण्डवोंके साथ विवाह   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 197: द्रौपदीका पाँचों पाण्डवोंके साथ विवाह  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.197.17 
पृथक् पृथग् दिव्यदृशां पुनर्ददौ
तदा धनं सौमकिरग्निसाक्षिकम्।
तथैव वस्त्राणि विभूषणानि
प्रभावयुक्तानि महानुभाव:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार अग्नि को साक्षी मानकर सोमकवंश में उत्पन्न हुए कुलीन आत्मा राजा द्रुपद ने सुन्दर रूप वाले पाण्डवों को प्रचुर धन तथा शक्तिसूचक बहुमूल्य वस्त्र और आभूषण अलग-अलग प्रदान किए॥ 17॥
 
Thus, with Agni as witness, King Drupada, the noble soul born in the Somka dynasty, offered abundant wealth and precious garments and ornaments, signifying power, separately to each of the beautiful-looking Pandavas.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)