Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.9: व्यासजी कहते हैं - राजन! तब अपने पूर्वज भगवान ब्रह्माजी के वचन सुनकर वे पुनः उसी स्थान पर गए जहाँ सभी देवता यज्ञ कर रहे थे। एक दिन वे सभी पराक्रमी देवता गंगाजी में स्नान करने गए और वहाँ किनारे पर बैठ गए। उस समय उन्होंने भागीरथी के जल में एक कमल तैरता हुआ देखा। | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यास उवाच
ततस्तु ते पूर्वजदेववाक्यं
श्रुत्वा जग्मुर्यत्र देवा यजन्ते।
समासीनास्ते समेता महाबला
भागीरथ्यां ददृशु: पुण्डरीकम्॥ ९॥
अनुवाद
व्यासजी कहते हैं - राजन! तब अपने पूर्वज भगवान ब्रह्माजी के वचन सुनकर वे पुनः उसी स्थान पर गए जहाँ सभी देवता यज्ञ कर रहे थे। एक दिन वे सभी पराक्रमी देवता गंगाजी में स्नान करने गए और वहाँ किनारे पर बैठ गए। उस समय उन्होंने भागीरथी के जल में एक कमल तैरता हुआ देखा।
Vyasji says - King! Then after listening to the words of his ancestor Lord Brahmaji, he again went to the same place where all the gods were performing yagya. One day all those mighty gods went to take bath in Gangaji and sat there on the bank. At that time they saw a lotus floating in the water of Bhagirathi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥