Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.7-8: ब्रह्माजी बोले - सूर्यपुत्र यमराज यज्ञ कार्य में लगे हुए हैं, इसीलिए ये मनुष्य मर नहीं रहे हैं। जब ये यज्ञ का सारा कार्य पूरा करके यहीं ध्यान लगाएँगे, तब इन लोगों का अंत समय उपस्थित होगा। आपकी शक्ति के प्रभाव से जब सूर्यनंदन यमराज का शरीर यज्ञ कार्य से पृथक होकर अपने कार्य में लगेगा, तब अंत समय आने पर यह मनुष्यों की मृत्यु का कारण बनेगा। उस समय मनुष्यों में इतनी शक्ति नहीं होगी कि वे स्वयं को मृत्यु से बचा सकें। 7-8॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी बोले - सूर्यपुत्र यमराज यज्ञ कार्य में लगे हुए हैं, इसीलिए ये मनुष्य मर नहीं रहे हैं। जब ये यज्ञ का सारा कार्य पूरा करके यहीं ध्यान लगाएँगे, तब इन लोगों का अंत समय उपस्थित होगा। आपकी शक्ति के प्रभाव से जब सूर्यनंदन यमराज का शरीर यज्ञ कार्य से पृथक होकर अपने कार्य में लगेगा, तब अंत समय आने पर यह मनुष्यों की मृत्यु का कारण बनेगा। उस समय मनुष्यों में इतनी शक्ति नहीं होगी कि वे स्वयं को मृत्यु से बचा सकें। 7-8॥
Lord Brahma said - Surya's son Yamraj is engaged in the work of Yagya, that is why these humans are not dying. When they complete all the work of Yagya and concentrate here, then the end time of these people will be present. Due to the influence of your power, when the body of Suryanandan Yamraj will be separated from the Yagya work and will be used for his work, then it will become the reason for the death of humans when the end times come. At that time humans will not have enough strength to save themselves from death. 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥