Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.41: पूर्वकाल के अत्यन्त सुन्दर इन्द्रों के रूप में चारों पाण्डवों को और स्वयं इन्द्र के रूप में इन्द्रपुत्र अर्जुन को देखकर राजा द्रुपद उस अथाह दिव्य माया को देखकर अत्यंत प्रसन्न और आश्चर्यचकित हो गए ॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्वकाल के अत्यन्त सुन्दर इन्द्रों के रूप में चारों पाण्डवों को और स्वयं इन्द्र के रूप में इन्द्रपुत्र अर्जुन को देखकर राजा द्रुपद उस अथाह दिव्य माया को देखकर अत्यंत प्रसन्न और आश्चर्यचकित हो गए ॥ 41॥
Seeing the four Pandavas in the form of the most beautiful Indras of the past and Indra's son Arjuna in the form of Indra himself, King Drupada became extremely pleased and astonished after looking at that immeasurable divine illusion. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥