Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.37: हे नरेन्द्र! मैं तुम्हें यह दिव्य दृष्टि एक और अद्भुत वरदान के रूप में प्रसन्नतापूर्वक प्रदान करता हूँ; इससे संपन्न होकर तुम कुन्ती के पुत्रों को उनके पूर्व पुण्यमय दिव्य शरीरों सहित देखोगे। | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरेन्द्र! मैं तुम्हें यह दिव्य दृष्टि एक और अद्भुत वरदान के रूप में प्रसन्नतापूर्वक प्रदान करता हूँ; इससे संपन्न होकर तुम कुन्ती के पुत्रों को उनके पूर्व पुण्यमय दिव्य शरीरों सहित देखोगे।
O Narendra! I gladly give you this divine sight as another wonderful boon; endowed with this, you will see the sons of Kunti with their former virtuous divine bodies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥