Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.32: उन्होंने उन सभी चीज़ों का आदेश भी दिया। तत्पश्चात वे सभी लोग पृथ्वी पर प्रकट हुए। उस समय भगवान नारायण ने अपने सिर से दो जटाएँ निकालीं, जिनमें से एक श्वेत थी और दूसरी श्याम। | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स चापि तद् व्यदधात् सर्वमेव
तत: सर्वे सम्बभूवुर्धरण्याम्।
स चापि केशौ हरिरुद्बबर्ह
शुक्लमेकमपरं चापि कृष्णम्॥ ३२॥
अनुवाद
उन्होंने उन सभी चीज़ों का आदेश भी दिया। तत्पश्चात वे सभी लोग पृथ्वी पर प्रकट हुए। उस समय भगवान नारायण ने अपने सिर से दो जटाएँ निकालीं, जिनमें से एक श्वेत थी और दूसरी श्याम।
He also gave orders for all those things. Thereafter all those people appeared on the earth. At that time Lord Narayana took out two locks of hair from his head, one of which was white and the other was dark.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥