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mahabharat 1.196.30: भयंकर धनुष धारण करने वाले भगवान रुद्र ने उन सबकी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद दिया, जो उन्होंने अपने साधु स्वभाव के कारण भगवान से व्यक्त की थीं। उन्होंने उस सुन्दर मुख वाली युवती को, जो स्वर्ग की धन की देवी थी, मनुष्य लोक में उनकी पत्नी के रूप में नियुक्त किया।   |   mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.196.30 
तेषां कामं भगवानुग्रधन्वा
प्रादादिष्टं संनिसर्गाद् यथोक्तम्।
तां चाप्येषां योषितं लोककान्तां
श्रियं भार्यां व्यदधान्मानुषेषु॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
भयंकर धनुष धारण करने वाले भगवान रुद्र ने उन सबकी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद दिया, जो उन्होंने अपने साधु स्वभाव के कारण भगवान से व्यक्त की थीं। उन्होंने उस सुन्दर मुख वाली युवती को, जो स्वर्ग की धन की देवी थी, मनुष्य लोक में उनकी पत्नी के रूप में नियुक्त किया।
 
Lord Rudra, who wields a fierce bow, blessed them all with the fulfillment of their desired desires, which they had expressed to the Lord due to their saintly nature. He also appointed that young woman with a beautiful face, who was the goddess of wealth of heaven, as their wife in the human world. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)