Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.27: प्रथम चार इन्द्रों ने कहा - हे प्रभु! आपकी आज्ञा से हम देवलोक से मनुष्यलोक जाएँगे, जहाँ दुर्लभ मोक्ष प्राप्ति का साधन सुलभ है। किन्तु वहाँ धर्म, वायु, इन्द्र और दोनों अश्विनीकुमार - ये देवता ही हमें माता के गर्भ में स्थान दें। तत्पश्चात् हम दिव्यास्त्रों से युक्त मानव योद्धाओं के साथ युद्ध करते हुए इन्द्रलोक को लौट जाएँगे॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रथम चार इन्द्रों ने कहा - हे प्रभु! आपकी आज्ञा से हम देवलोक से मनुष्यलोक जाएँगे, जहाँ दुर्लभ मोक्ष प्राप्ति का साधन सुलभ है। किन्तु वहाँ धर्म, वायु, इन्द्र और दोनों अश्विनीकुमार - ये देवता ही हमें माता के गर्भ में स्थान दें। तत्पश्चात् हम दिव्यास्त्रों से युक्त मानव योद्धाओं के साथ युद्ध करते हुए इन्द्रलोक को लौट जाएँगे॥ 27॥
The first four Indras said - O Lord! As per your orders, we will go from Devlok to Manushyalok, where the means of attaining salvation which is rare is easily available. But there, only Dharma, Vayu, Indra and both Ashvinikumars - these gods should place us in the womb of the mother. Thereafter, we will fight with the human warriors with divine weapons and return to Indralok.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥