Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.25-26: वहाँ भविष्य में निश्चय ही तुम सबकी ऐसी ही दशा होगी - तुम सबको मनुष्य योनि में प्रवेश करना होगा। उस जन्म में तुम अनेक कठिन कर्म करोगे, अनेक लोगों का वध करोगे और फिर अपने पुण्य कर्मों से पुण्यात्माओं से युक्त इन्द्रलोक में आओगे। तुम्हें वह सब करना होगा जो मैंने कहा है। इसके अतिरिक्त अन्य अनेक उद्देश्य वाले कार्य भी तुम्हारे द्वारा सम्पन्न होंगे।॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ भविष्य में निश्चय ही तुम सबकी ऐसी ही दशा होगी - तुम सबको मनुष्य योनि में प्रवेश करना होगा। उस जन्म में तुम अनेक कठिन कर्म करोगे, अनेक लोगों का वध करोगे और फिर अपने पुण्य कर्मों से पुण्यात्माओं से युक्त इन्द्रलोक में आओगे। तुम्हें वह सब करना होगा जो मैंने कहा है। इसके अतिरिक्त अन्य अनेक उद्देश्य वाले कार्य भी तुम्हारे द्वारा सम्पन्न होंगे।॥25-26॥
‘There in the future you are definitely going to be like this – you all will have to enter the human form. In that birth you will perform many difficult deeds and kill many people and then again come to Indraloka, which is already inhabited by virtuous souls through your good deeds. You will have to do everything that I have said. Apart from this, many other works with different purposes will be accomplished by you.’॥25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥