Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.15: वह अपनी समस्त इन्द्रियों से क्रीड़ा में इतना मग्न था कि उसे अन्य किसी बात का ध्यान ही नहीं रहा। उसे ऐसा असावधान देखकर देवराज इन्द्र क्रोधित होकर बोले, 'हे महामुने! यह सम्पूर्ण जगत् मेरे अधीन है, मेरी आज्ञा में है; मैं ही इस जगत् का ईश्वर हूँ।'॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अपनी समस्त इन्द्रियों से क्रीड़ा में इतना मग्न था कि उसे अन्य किसी बात का ध्यान ही नहीं रहा। उसे ऐसा असावधान देखकर देवराज इन्द्र क्रोधित होकर बोले, 'हे महामुने! यह सम्पूर्ण जगत् मेरे अधीन है, मेरी आज्ञा में है; मैं ही इस जगत् का ईश्वर हूँ।'॥15॥
He was so engrossed in the sport with all his senses that he did not pay attention to anything else. Seeing him so careless, Devraj Indra became angry and said, 'O great one! This whole world is under my control, it is under my command; I am the God of this world.'॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥