Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.11: वह युवती वहाँ जल लेने आई थी और भगवती गंगा की धारा में प्रवेश करके वहीं खड़ी होकर रो रही थी। उसके आँसुओं की प्रत्येक बूँद जो जल में गिर रही थी, स्वर्ण कमल में बदल रही थी॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह युवती वहाँ जल लेने आई थी और भगवती गंगा की धारा में प्रवेश करके वहीं खड़ी होकर रो रही थी। उसके आँसुओं की प्रत्येक बूँद जो जल में गिर रही थी, स्वर्ण कमल में बदल रही थी॥ 11॥
That young girl had come there for water and after entering the stream of Bhagvati Ganga, she was standing there weeping. Every drop of her tears that fell into the water turned into a golden lotus.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥