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द्रुपद उवाच
त्वं च कुन्ती च कौन्तेय धृष्टद्युम्नश्च मे सुत:।
कथयन्त्विति कर्तव्यं श्व: काले करवामहे॥ ३२॥
अनुवाद
द्रुपद ने कहा, "कुंतीपुत्र! आप, कुंतीदेवी और मेरे पुत्र धृष्टद्युम्न - आप सब मिलकर निर्णय करें और हमें बताएँ कि क्या करना चाहिए। हम कल उचित समय पर ऐसा करेंगे।"
Drupada said - Kunti's son! You, Kuntidevi and my son Dhrishtadyumna - all of them should decide together and tell us what should be done. We will do that tomorrow at the right time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥