श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 194: द्रुपद और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा व्यासजीका आगमन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.194.22 
द्रुपद उवाच
भवान् वा विधिवत् पाणिं गृह्णातु दुहितुर्मम।
यस्य वा मन्यसे वीर तस्य कृष्णामुपादिश॥ २२॥
 
 
अनुवाद
द्रुपद ने कहा, "वीर, तब तो आप विधिपूर्वक मेरी पुत्री से विवाह करें अथवा कृष्ण को अपने भाइयों में से जिसे भी वह चाहें, उससे विवाह करने की अनुमति दे दें।"
 
Drupada said, "Valiant one, then you should marry my daughter according to the rules or give Krishna permission to marry whichever of your brothers he likes."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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